友情提示:如果您有新车谍照/新车爆料,请点击编辑头像(仅限App)私信给我们,期待您的来信。 जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। क्राइम ब्रांच की साइबर सेल ने एक वरिष्ठ नागरिक से ऑनलाइन निवेश के नाम पर 31 लाख की ठगी करने वाले तीन जालसाजों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गाजियाबाद के मोहसीन, राजौरी गार्डन के नायर अली और गोविंदपुरी के कैफ के रूप में हुई है। उपायुक्त आदित्य गौतम के मुताबिक, इन जालसाजों ने इंस्टाग्राम और वाॅट्सएप के माध्यम से निर्माण कंपनी में कार्यरत 62 वर्षीय कर्मचारी से संपर्क किया और उन्हें एक फर्जी निवेश वेबसाइट पर पंजीकरण कराने का लालच दिया। इसके बाद उन्हें फर्जी स्टाॅक टिप्स देने वाले एक वाॅट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया और "आईपीओ फंडिंग" और "लाभ निकासी" के बहाने निवेश के नाम पर रकम ठग ली। ठगी की गई रकम विभिन्न व्यक्तिगत खातों के माध्यम से भुगतान की गई थी।,जब पीड़ित ने निवेश की गई राशि निकालने की कोशिश की तो उन्हें धमकाया गया और अधिक धनराशि स्थानांतरित करने के लिए मजबूर किया गया। आरोपी मोहसीन के खाते में 5.44 लाख जमा हुए, लेकिन वह फरार हो गया। एसीपी अनिल शर्मा की देखरेख में और इंस्पेक्टर सुभाष चंद्र के नेतृत्व में उसे ढूंढकर गिरफ्तार कर लिया गया, जिससे कैफ और नायर अली की संलिप्तता का पता चला। पूछताछ में मोहसीन ने बताया कि उसने कैफ और नायर अली के माध्यम से अपना आईडीएफसी बैंक चालू खाता एक सहयोगी को बेच दिया था। आरोपित को प्रतिदिन के लेनदेन पर 1%-1.5% कमीशन मिलता था। उसकी निशानदेही पर कैफ और नायर अली को भी दबोच लिया गया। पुलिस उनसे पूछताछ कर अन्य जालसाजों की तलाश में जुटी है। यह भी पढ़ें- अस्पताल घोटाले में सौरभ भारद्वाज और सत्येंद्र जैन से जल्द पूछताछ करेगी ED और ACB, अगले सप्ताह जारी हो सकता है नोटिस。
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